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कांग्रेस का सबसे बड़ा महाघोटाला !!! कैसे सोनिया गाँधी ने अपनी साख बचाने के लिए 11 बड़े घोटालो को छुपा दिया

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कांग्रेस सरकार हमेशा से अपने घोटालो के लिए कुख्यात रही है. आज मोदी सरकार को लगभग साडे तीन साल होने जा रहे हैं, लेकिन अभी तक भी UPA काल के घोटाले निकल रहे हैं. आज एक और सनसनीखेज खुलासे में कांग्रेस सरकार का एक महाघोटाला उजागर हुआ. CAG के रिटायर्ड निदेशक आर.बी. सिन्हा ने आज एक खुलासा किया की सोनिया गाँधी के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने 11 बड़े घोटालो को सफलतापूर्वक दबा दिया और इसकी भनक किसी को नहीं लगने दी.

सिन्हा ने आरोप लगाए की कांग्रेस सरकार ने तत्कालीन CAG अधिकारियों पर दबाव बना कर 11 बड़े घोटालो से सम्बंधित दस्तावेजो को छुपाने में सफल रहे. एक तरह से यह कहा जा सकता है कि कांग्रेस सरकार ने इन 11 बड़े घोटालो को जनता की नजर में आने से पहले ही छुपा दिया. सिन्हा के अनुसार कांग्रेस पार्टी ने यह काम 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले किया, क्युकी उन्हें ऐसा लगा की अगर इन घोटालो की जानकारी बाहार आयेगी तो उन्हें चुनावों में नुक्सान होगा, बहरहाल उन चुनावों में कांग्रेस को भारतीय चुनाव इतिहास की सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी.

पूर्व CAG निदेशक सिन्हा, जिन्होंने 2010 के CAG ऑडिट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमे 2G टेलिकॉम घोटाला उजागर हुआ था. सिन्हा ने आगे बताया की सोनिया गाँधी के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने CAG अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव डाल कर सभी रिपोर्ट्स को दबा दिया.

क्या सोनिया गांधी इस महाघोटाले पे कोई सफाई देंगी?

सिन्हा ने आगे बताया की बाद में CAG अधिकारियों ने जब दस्तावेज देखे तो उन्हें पता लगा कि सरकारी दबाव के कारण उन में से भ्रष्ट लोगो, कंपनियों के नाम गायब कर दिए गए थे, और धोखाधड़ी के सबूतो को भी मिटा दिया गया था. सिन्हा ने बताया की कांग्रेस पार्टी ने तत्कालीन CAG शशि कान्त शर्मा का अनावश्यक फायदा उठाया और राजनीतिक दबाव का प्रयोग करके देश को गुमराह किया.

यह सीधा सीधा संविधान का उल्लंघन है, कांग्रेस सरकार ने एक संवैधानिक संस्था पे दबाव डाल कर जुर्म किया है. क्या सोनिया गाँधी इस पर चुप रहेंगी?

क्या सोनिया गाँधी को इसकी सजा मिलनी चाहिए?

कांग्रेस को जनता ने चुना था सेवा करने के लिए, लेकिन उन्होंने एक के बाद एक घोटाला करके देश के जनता के साथ विश्वासघात किया.

इस मामले में रिपब्लिक टीवी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है, क्युकी उन्होने लगभग 5 महीने तक आर.बी. सिन्हा को इस घोटाले को उजागर करने की लिए मनाया. बाद में जब सिन्हा इस बाबत तैयार हुए तब रिपब्लिक टीवी ने उनका इंटरव्यू लिया, जिसमे उन्होंने ये सनसनीखेज खबर सबको बताई.

CAG एक संवैधानिक संस्था है और इसका हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए और राजनीती दबावों से इसे दूर रखना चाहिए. इस जुर्म में पी चिदम्बरम और उनके परिवार का सीधा हाथ दिख रहा है. मोदी सरकार को बिना कोई विलम्ब किये इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करनी चाहिए.

 

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