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Viral News-अमित शाह के बेटे जय शाह के खिलाफ चलाये जा रहे दुष्प्रचार का खुलासा

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एक दो दिन से एक दुष्प्रचार किया जा रहा है, जय शाह जो कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह के पुत्र है, उन्होंने अपने पिता के रसूख का गैर जरूरी फायदा उठाया। अमित शाह के बेटे जय अमितभाई शाह की कंपनी टेम्पल इन्टरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड का टर्नओवर कथित तौर पर 16 हजार गुना बढ़ने पर अमित शाह और केंद्र सरकार निशाने पर गई है।

वेबसाइट वायर के मुताबिक रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार जय की कंपनी की बैलेंस शीट में बताया गया है कि मार्च 2013 और मार्च 2014 तक उनकी कंपनी में कुछ खास कामकाज नहीं हुए और इस दौरान कंपनी को क्रमश: कुल 6,230 रुपये और 1,724 रुपये का घाटा हुआ। लेकिन जैसे ही केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनी और उनके पिता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने जय शाह की कंपनी के टर्नओवर में आश्चर्यजनक रूप से इजाफा हुआ है।

साल 2014-15 के दौरान उनकी कंपनी को कुल 50,000 रुपये की इनकम पर कुल 18,728 रुपये का लाभ हुआ। मगर 2015-16 के वित्त वर्ष के दौरान जय की कंपनी का टर्नओवर लंबी छलांग लगाते हुए 80.5 करोड़ रुपये का हो गया। यह 2014-15 के मुकाबले 16 हजार गुना ज्यादा है। जय की कंपनी टेम्पल इन्टरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के टर्नओवर में उछाल की वजह 15.78 करोड़ रुपये का अनसेक्योर्ड लोन है जिसे राजेश खंडवाल की फिनांशियल सर्विसेज फर्म ने उपलब्ध कराया है। यहां यह बताना जरूरी है कि राकेश खंडवाला भाजपा के राज्यसभा सांसद और रिलायंस इंडस्ट्रीज के टॉप एग्जिक्यूटिव परिमल नथवानी के समधी हैं।

अमित शाह का पारिवारिक कारोबार PVC पाइप का था। उनके बेटे ने राजनीति से इतर अपने घर के व्यवसाय में हाथ आजमाया। कुछ दिनों से सोशल मीडिया नेटवर्क ट्विटर पर #AmitShahKiLoot के नाम से कांग्रेस समर्थकों द्वारा ट्रेंड चलाया जा रहा। इस ट्रेंड के पीछे की कहानी दरअसल The Wire के उस आर्टिकल से आई है जिसमें मात्र 1 वर्ष में उनकी संपत्ति 16000 गुणा बढ़ने की खबर छपी। इस खबर की तह तक जाने में आपको ये पता चलेगा की Shah’s Temple Enterprise Pvt. Ltd. ने जहा 2013 और 2014 में नुकसान उठाया वही 2015 में उसको भारी मुनाफा हुआ।

यह ध्यान देने वाली बात यह है कि कंपनी में निवेश  50000 और इसके साथ इसे 15.78 करोड़ का लोन राजेश खंडवाला नाम के व्यक्ति से मिला जो परिमल नाथवानी (राज्यसभा सांसद) और रिलायंस इंडस्ट्रीजके टॉप एग्जीक्यूटिव है। अब इस लोन के बाद कंपनी का 80 करोड़ का टर्नओवर होना कोई बड़ी बात नही क्यूंकि दिखाया गया टर्नओवर है नाकि नेट प्रॉफिट जोकि एक सामान्य प्रोडक्ट सेल/परचेस के धंदे में आराम से किया जा सकता है जब उसको 15 करोड़ का लोन मिला हुआ हो अपनी ट्रेडिंग को बढ़ाने लिए। इस क्रांतिकारी मीडिया की इस खबर पर जय शाह के वकील माणिक डोगरा ने ये चेतावनी दी है कि ऐसे अनर्गल आरोपो पर वो मानहानि का मुकदमा दायर करेगे।

इस खुलासे की पोल खोलने के लिए कुछ तथ्य आपके सामने है, यह जरूरी है की यह तथ्य पढ़ें जाए और शेयर किये जाए

1.     इसको लिखने वाली पत्रकार की खुद की रेपुटेशन खराब है, इन्हें पूर्व में एक एजेंसी द्वारा गलत खबर छापने की वजह से निकाला जा चुका है।

2.     इस आर्टिकल की लेखिका ने इसी वर्ष हुए उत्तर प्रदेश चुनावो में समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार-प्रसार किया था।

3.     जय शाह को दिए गए लोन की रकम वो ब्याज और मूलधन समेत वापस कर चुके है, और एक पैसा भी कर्ज बाकी नहीं है.

4.     हर व्यापार में आमदनी और मुनाफा होता है,उसकी शुरुवात शून्य से होती है।

5.     एक रजिस्टर्ड NBFC से मार्केट रेट पर लोन लेने से कौन से कानून का उल्लंघन हुआ?या ऐसे लोन लेने का अधिकार क्या अमित शाह के बेटे को नही है?

6.     लोन को चेक से लेना भी गलत नही,जय शाह की कंपनी ने अपने सालाना आयकर फ़ाइल रिटर्न में इस लोन को भली-भांति दर्शाया है।

यह कोई पहली बार नहीं है की अमित शाह और उनका परिवार मीडिया के निशाने पे आया है, कुछ महीनो पहले मीडिया के एक धड़े ने अमित शाह की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी पर खूब तंज कसे थे। बाद में भारतीय जनता पार्टी ने सामने आकर उनकी संपत्ति का ब्यौरा जारी किया था जिसमे ये बात सामने निकलकर आयी थी की अमित शाह की माँ की मृत्यु के बाद उनके हिस्से की संपत्ति पर कानूनी तौर से शाह का हक होने की वजह से वो वृद्धि दर्ज की गई थी।

वो खबर झूठ का गुब्बारा थी जिसकी हवा निकल गयी। ठीक उसी की भांति ये खबर भी सिवाय उनकी छवि को धूमिल करने के और कुछ नही दीख रही है। विपक्षी दलों की हताशा, देश विरोधी तत्वों की खत्म होती गतिविधि ने ऐसे अनर्गल आरोपो को हवा देने का काम किया है। और कुछ बिकाऊ मीडिया ने इन आरोपों को हवा दे कर उनकी सहायता ही की है.

 

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